Sunday, March 30, 2014

ग़ज़ल

जिस्मो जाँ अब अदालती हो क्या

साँस दर साँस पैरवी हो क्या


क्यूँ उदासी का अक्स दिखता है

ये बताओ कि आरसी हो क्या


थरथराते हैं लब जो रह-रहकर

कुछ खरी सी या अनकही हो क्या


रतजगों की कथाएं कहती हो

चांदनी तुम मेरी सखी हो क्या


शाम का रंग क्यूँ ये कहता है

"मुझसे मिलकर उदास भी हो क्या"


मैं जरा खुल के कोई बात कहूँ

पूछे  हर कोई मानिनी हो क्या


माँ से विरसे में ही मिली हो जो

ए नमी आँखों की वही हो क्या



तरही मिसरा आदरणीय शायर जॉन एलिया साहब की ग़ज़ल से 

" मुझसे मिलकर उदास भी हो क्या "

17 comments:

  1. आपकी लिखी रचना मंगलवार 01 अप्रेल 2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    ReplyDelete
  2. रतजगों की कथाएं कहती हो
    चांदनी तुम मेरी सखी हो क्या...

    बहुत सुन्दर ...!

    RECENT POST - माँ, ( 200 वीं पोस्ट, )

    ReplyDelete
  3. बहुत ही लाजवाब शेर हैं इस गज़ल में ... मज़ा आया बहुत पढ़ के ...

    ReplyDelete
  4. माँ से विरसे में ही मिली हो जो
    ए नमी आँखों की वही हो क्या

    अब तक अव्यक्त रही इन पंक्तियों में कितना मर्म है ...!

    ReplyDelete
  5. क्यूँ उदासी का अक्स दिखता है ,सच कहो आरसी हो क्या ..बहुत सुन्दर ।

    ReplyDelete
  6. लाजवाब शेर.. बहुत सुन्दर गजल..

    ReplyDelete
  7. वाह, बहुत खूबसूरत ग़ज़ल, हर शेर लाजबाब….ढेर सारी दाद कबूल फरमाएं...

    ReplyDelete
  8. बढ़िया व बेहतरीन गज़ल , आदरणीय वंदना जी धन्यवाद !
    नवीन प्रकाशन -: बुद्धिवर्धक कहानियाँ - ( ~ त्याग में आनंद ~ ) - { Inspiring stories part - 4 }

    ReplyDelete
  9. बहुत उम्दा अशआर...लाज़वाब ग़ज़ल...

    ReplyDelete
  10. वाह , बहुत सुंदर !!

    ReplyDelete
  11. उम्दा ..लाजवाब... बेहतरीन.. और भी बहुत कुछ..

    ReplyDelete
  12. सुन्दर प्रस्तुति
    मेरे ब्लॉग पर आकर अपने सुझाव दे !

    ReplyDelete
  13. वाह... लाजवाब रचना...बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@भजन-जय जय जय हे दुर्गे देवी

    ReplyDelete
  14. बहुत खूबसूरत ग़ज़ल

    ReplyDelete
  15. शानदार रचना

    ReplyDelete
  16. सुन्दर ग़ज़ल. मेरे बाल एलिया साब के जैसे हैं नहीं, लेकिन मैंने उनकी अंदाज़ में ही झूम के पढ़ा.

    ReplyDelete

आपकी बहुत बहुत आभारी हूँ कि अपना बहुमूल्य समय देकर आपने मेरा मान बढाया ...सादर

Followers

कॉपी राईट

इस ब्लॉग पर प्रकाशित सभी रचनाएं स्वरचित हैं तथा प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं यथा राजस्थान पत्रिका ,मधुमती , दैनिक जागरण आदि व इ-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं . सर्वाधिकार लेखिकाधीन सुरक्षित हैं