रंग पलाशी भीनी
पुलकन
चलो चुगें बासंती
खुरचन
गालों पर चटकी
अरुणाई
झाँक झरोखे से
मुस्काई
ओट ओढ़नी की शरमाई
उषा किरण सी प्यारी
दुल्हन
गुल गुलाल से अंग
महकते
फाग रागिनी सभी
बहकते
ढोल बाँसुरी चंग
चहकते
बूढ़े बच्चे चलें
ठुमकते
मन उपवन सब नंदन
नंदन
मधुर मधुर मिश्री की
डलियां
फागुन की अल्हड़
कनबतियां
रागरंग में डूबी
सखियाँ
मस्त मस्त हैं मधुकर
कलियाँ
आज न आड़े कोई अडचन
