Wednesday, May 22, 2013

कीमत क्यूँ कम आंकी जाये

कोई तो हमको समझाये
सच क्यूँ सूली टांगा जाये

गम से कोई रिश्ता होगा
उन आँखों सहरा लहराये

बस्ती में बेमौसम ही क्यूँ
आशाओं के बादल छाये

झाँसा देने की फितरत है
झोली भर वादे ले आये

जुगनू ने झिलमिल कोशिश की
कीमत क्यूँ कम आंकी जाये

बाज़ी तो हमने जीती थी
तमगे उनके हिस्से आये

सींचे केवल पत्ते शाखें
क्यूँ ऐसे बादल लहराए

मेरे सपनों के आँगन में
गुलमोहर काँटे बिखराए

फसलें जो तुमने बोई थीं

सौदागर सौदा कर आये 

Wednesday, May 15, 2013

....सुबह नहीं होती



लिख रहे हैं रोज़ ही लेकिन ताज़ा नज़्म  नहीं होती
बेखुदी में है कमी या फिर पूरी बहर नहीं होती

फासला थोडा रहे क़ुरबत को इस तरह निभाएं हम
जिन्दगी ये दोस्त फिर हरगिज़ हरगिज़ कफस नहीं होती

दर्द से तो है मगर हम रिश्ता लें पाल चुभन से भी
पर सुखन मनमीत बन सहलाये इतनी कसक नहीं होती

फेर ली आँखे कि माँ भाई यूँ बेजार हुए उसके
खोई दंगों में जवां लड़की उसकी सुबह नहीं होती

है बहुत बैचैन तो चल रख माँ की गोद जरा तू सिर
खुरदरे हों हाथ पर ये थपकी बेअसर नहीं होती 

Thursday, May 9, 2013

काम वाली



“उफ़ ! ये सरला कहाँ मर गयी ....दस बजने को आये...सारा काम पड़ा है अब तक नहीं आई ”

“कुछ परेशानी ही होगी वर्ना रोज तो टाइम पर आ ही जाती है ” मि. शर्मा ने पत्नी से कहा

उंह! टाइम पर .... जब जी चाहे छुट्टी मार लेती है कभी पति के बहाने कभी बच्चों की बीमारी के ...

“मेरे ख्याल से तो कई महीनों बाद यह नौबत आई है”  मि. शर्मा ने समझाने के लहजे में कहा
बहुत पक्ष लेते है आप उसका ... अब टोस्ट सेको और चाय भी बना लेना मैं तो  वैसे भी लेट हो रही हूँ ....आँखे तरेरती मिसेज शर्मा ने कहा और जल्दी जल्दी तैयार होने लगी

तैयार होकर मिसेज शर्मा ऑफिस पहुँची तो साढ़े ग्यारह बज रहे थे

बॉस के केबिन पहुँचकर लम्बी सी मुस्कान चेहरे पर लाकर अभिवादन किया
मिसेज शर्मा कल कहाँ थी आप ?

वो .. वो सर ...मेरे पति की तबि ..
.
आज भी आप साढ़े ग्यारह बजे तशरीफ़ ला रही हैं आपके सीट पर ना होने से लोगों को कितनी तकलीफ होती है जानती हैं

सॉरी सर ....कहते हुए मिसेज शर्मा ने आज और पिछले दिन के दोनों कॉलम में साइन किये और सीट पर आ बैठीं

कल क्यों नहीं आई ? एक सहकर्मी ने पूछा

अरे यार!.... पिक्चर का मूड बन गया था  

Followers

कॉपी राईट

इस ब्लॉग पर प्रकाशित सभी रचनाएं स्वरचित हैं तथा प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं यथा राजस्थान पत्रिका ,मधुमती , दैनिक जागरण आदि व इ-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं . सर्वाधिकार लेखिकाधीन सुरक्षित हैं