Sunday, December 31, 2017

आगत के स्वागत में

आने वाला पल मुट्ठी में , लाया है पैगाम नये
आगत के स्वागत  में ढूँढे  , हँसी-ख़ुशी आयाम नये

धुंध में लिपटे रहें सवेरे , तू आशा की ज्योत जला  
नई राह चलते साधक की , कदमताल से ताल मिला
मौसम तेरे हक में राही , लायेगा परिणाम नये
आगत के स्वागत  में ढूँढे  , हँसी-ख़ुशी आयाम नये
खेतों से रूठे बेटों के , हाथों में विश्वास लिखें
लोकचेतना की कूँची से, चिरंजीव मधुमास लिखें
वंचित जीवन के हिस्से भी , ले आयें सुखधाम नये
आगत के स्वागत  में ढूँढे  , हँसी-ख़ुशी आयाम नये

गतिविधियाँ हों नई नई सब , जीवन के सब बोध नये
परम्परा आँचल में बांधें , हों मानस के शोध नये
शुद्ध भाव से आपूरित हों चिंतन के शुभ काम नये
आगत के स्वागत  में ढूँढे  , हँसी-ख़ुशी आयाम नये

3 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सब को नव वर्ष के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं|

    ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, भारतीय गणितज्ञ और भौतिक शास्त्री सत्येन्द्रनाथ बोस की १२४ वीं जयंती “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. सुंदर आशा भरा गीत नव वर्ष पर ..
    आगत का स्वागत है ... आपकी भी बहुत शुभकामनाएँ ...

    ReplyDelete

आपकी बहुत बहुत आभारी हूँ कि अपना बहुमूल्य समय देकर आपने मेरा मान बढाया ...सादर

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